संदेश

शब्दाँजलि अटल जी को...

बेटा हिन्दुस्तान का, भारत रत्न महान।
रहे राजनेता अटल, राजनीति के शान।
राजनीति के, शान सौम्य वे, राष्ट्र पुजारी।
संघ सिपाही, पत्रकार कवि, अटल बिहारी।
अंतिम पथपर, भीष्म पितामह, बेसुध लेटा।
मौत गई ठन, शांत मुखर कवि, योद्धा बेटा।

दो कुण्डलियाँ देश के नाम

दो कुण्डलियाँ देश के नाम01-
धजा तिरंगा देश के, फहर-फहर फहराय।
तीन रंग के शान ले, बैरी घलो डराय।
बैरी घलो डराय, रहय कतको अभिमानी।
देबो अपन परान, निछावर हमर जवानी।
कहै अमित कविराय, कभू झन आय अड़ंगा।
जनगण मन रखवार, अमर हो धजा तिरंगा।02-
भुँइयाँ भारत हा हवय, सिरतों सरग समान।
सुमता के उगथे सुरुज, होथे नवा बिहान।
होथे नवा बिहान, फुलँय सब भाखा बोली।
किसिम किसिम के जात, दिखँय जी एक्के टोली।
कहे अमित कविराय, कहाँ अइसन जुड़ छँइयाँ।
सबले सुग्घर देश, सरग कस भारत भुँइयाँ।कन्हैया साहू "अमित" -भाटापारा

जल चक्र (कुण्डलियाँ)

*🙏जल चक्र ~ (कुण्डली)🙏*
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*बादर ले पानी गिरय,*
                       *धरती मा बोहाय।*
*नँदिया नरवा ढोड़गा,*
                   *तरिया कुआँ भराय।*
*तरिया कुआँ भराय,*
             *भरय जल छलकय भारी।*
*गली खोर मैदान,*
                    *चले पानी के धारी।*
*बरसा जल सकलाय,*
        *अमित सब आखिर सागर।*
*बनके भाप उडाय,*
                    *फेर पानी हा बादर।*
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✍ कन्हैया साहू '"अमित"✍
30/06/2018-भाटापारा